Exam main Paper Kaise Likhe : नमस्कार दोस्तों किसी भी परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर देना जितना महत्वपूर्ण है उतना ही महत्वपूर्ण है उस प्रश्नों के उत्तर सही फॉर्मेट में देना। आप भले ही प्रश्न का उत्तर सटीक रूप से दिया हो लेकिन अगर उत्तर शु-व्यवस्थित नहीं किया है तो आपको उस प्रश्न के निर्धारित अंक से कम ही अंक मिलेंगे। अगर आप चाहते हैं कि आपको प्रत्येक प्रश्न के निर्धारित अंक पूरा मिले तो परीक्षा में पेपर लिखने का ‘Perfect Format‘ पता होना चाहिए।
आज के इस आर्टिकल में हम ऑफलाइन परीक्षा यानी पेपर और पेन पर आयोजित होने वली लिखित परीक्षा में प्रश्न के उत्तर लिखने का परफेक्ट फॉर्मेट के बारे में बताने जा रहे हैं। अगर आप भी चाहते हैं कि लिखित परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न के उत्तर पर आपको पूरा अंक प्राप्त हो तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें। अगर आप जानना चाहते हैं कि ऑनलाइन परीक्षा कैसे आयोजित होती है तो इस आर्टिकल को पढ़ें
Exam main Paper Kaise Likhe: ओवरव्यू
| क्या करें | क्या ना करें |
| एक बार प्रश्न पत्र को पूरा पढ़ें | बिना प्रश्न पत्र पड़े उत्तर ना लिखें |
| जो प्रश्न आए पहले उन्हें ही लिखें | जिन प्रश्नों के उत्तर पता ना हो उसमें समय बर्बाद ना करें |
| उत्तर पेपर में प्रश्न का नंबर लिखें और उत्तर लिखना शुरू करें। | उत्तर पेपर में प्रश्न ना लिखें। |
| लंबा उत्तर होने पर पैराग्राफ चेंज करें। | एक ही पैराग्राफ में उत्तर ना लिखें। |
| जरूरत पड़ने पर पॉइंट देखकर उत्तर लिखें | बिना बिंदु दिए उत्तर ना दे। |
| शब्दों की सीमा (Word Limit) का ध्यान रखें। | बहुत ज्यादा काट-छाँट (Overwriting) न करें। |
| मुख्य शब्दों को Underline करें। | जेल पेन का उपयोग करने से बचें। |
| Use पेन का इस्तेमाल करें | New पेन इस्तेमाल करने से बचें। |
प्रश्न पत्र को सही से पढ़ना और समझना
प्रश्नों के उत्तर देने का फॉर्मेट समझने से पहले प्रश्न पत्र में मौजूद प्रश्नों को समझना जरूरी है। जब भी परीक्षा में आपके पास प्रश्न पत्र आए सबसे पहले आप पूरे प्रश्न पत्र को पढ़ें। इससे निश्चित होंगे कि किन प्रश्नों का उत्तर आपको पता है और किन के नहीं, इसी के साथ आपको पता चलेगा कि प्रश्नों के उत्तर कितने शब्दों में देना है। कौन से प्रश्नों के उत्तर आपको सही से याद है और किनके नहीं। जिन प्रश्नों के उत्तर आपको सही से याद है उन्हें अंडरलाइन या टीक कर दे। ताकि उत्तर लिखते समय वह प्रश्न छूटे ना।
पेन और पेपर का सही ताल मेल
अधिकतर छात्र परीक्षा में पेपर लिखने को लेकर एक ऐसी बड़ी गलती करते हैं, जिसका उन्हें अंदाजा भी नहीं होता। पेपर लिखने के लिए कभी भी नए पेन (New Pen) का इस्तेमाल सीधे परीक्षा हॉल में नहीं करना चाहिए। नया पेन शुरुआत में थोड़ा ‘रफ’ या धीमा चलता है, जिससे न केवल आपकी लिखावट (Handwriting) प्रभावित होती है, बल्कि लंबे समय तक लिखने से उंगलियों में दर्द भी होने लगता है।
यूं कहें कि नए पेन का पेपर के साथ सही तालमेल बैठने में समय लगता है, जिसकी वजह से आपकी लिखने की रफ्तार (Writing Speed) धीमी हो जाती है और अंत में आप कम प्रश्न हल कर पाते हैं। कई एक्सपर्ट्स और रिसर्चर का मानना है कि परीक्षार्थी को लिखित परीक्षा में उसी पेन का इस्तेमाल करना चाहिए जिसे वह पिछले कुछ दिनों से निरंतर इस्तेमाल कर रहा हो। कम से कम 20-30% इस्तेमाल हो चुका पेन कागज पर ज्यादा स्मूथ चलता है, जो आपकी स्पीड और परफॉरमेंस दोनों को बढ़ा देता है।
परीक्षा में पेपर लिखने का ‘Perfect Format’ टॉपर की तरह लिखे पेपर
- जब आपको परीक्षा में प्रश्न और उत्तर पत्र दोनों मिल जाएं, तो सबसे पहले प्रश्न पत्र में मौजूद सभी प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें और उन प्रश्नों को अलग कर लें जिनके उत्तर आपको सही से याद हैं।
- अब उत्तर पुस्तिका में देखें कि आधिकारिक तौर पर चौथाई (Margin) छोड़ा गया है या नहीं। अगर नहीं, तो आप पेपर को चार भाग में बांटें, फिर एक भाग को छोड़कर बाकी तीन भाग में उत्तर लिखना शुरू करें। जिन प्रश्नों के उत्तर आपको याद हैं, उन प्रश्न का नंबर उत्तर पत्र में लिखें और उसका उत्तर लिखना शुरू करें। ध्यान रहे, उत्तर पुस्तिका पर मेरा मानना है कि परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए प्रश्नों के उत्तर याद होना जितना जरूरी है उतना ही जरूरी है उन्हें सटीक सही फॉर्मेट में लिखना। अगर आप ऊपर बताए गए फॉर्मेट को अपनाते हैं, सही पेन का चुनाव करते हैं,कभी भी प्रश्न ना लिखें, केवल उत्तर नंबर ही लिखें।
- प्रश्नों के उत्तर अंकों (Marks) पर निर्धारित होते हैं, इसलिए जितने नंबर का प्रश्न है, उसके लिए एक निश्चित शब्दों के अंदर ही उत्तर देने का प्रयास करें। कोशिश करें कि उत्तर सटीक और सीधा हो। इससे आपको उस प्रश्न के निर्धारित अंक पूरे प्राप्त होंगे।
- अधिक नंबर वाले प्रश्न का उत्तर लिखते समय शब्दों का ध्यान रखते हुए पैराग्राफ बदलकर उत्तर लिखें। इसके साथ ही अगर सटीक उत्तर बिंदुओं (Points) के साथ दर्शाया जाए, तो उत्तर पढ़ना और समझना आसान हो जाता है, जिससे आपको पूरे मार्क्स मिलने की संभावना बढ़ जाती है। ध्यान रहे, उत्तर पुस्तिका को सिर्फ भरने के लिए लास्ट तक ना भरें। एग्जामिनर को लगेगा कि छात्र ने उत्तर नहीं लिखा है, बस कॉपी भरने की कोशिश की है।
निष्कर्ष (Conclusion)
मेरा मानना है कि परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए प्रश्नों के उत्तर याद होना जितना जरूरी है उतना ही जरूरी है उन्हें सटीक सही फॉर्मेट में लिखना। अगर आप ऊपर बताए गए फॉर्मेट को अपनाते हैं, सही पेन का चुनाव करते हैं, शब्द सीमा का ध्यान रखते हुए पॉइंट और पैराग्राफ के साथ उत्तर लिखते हैं तो आपको टॉपर बनने से कोई नहीं रोक सकता। उम्मीद है कि यह जानकारी आपके आने वाले एग्जाम्स में बहुत मददगार साबित हगी। भविष्य में अगर आप ऑनलाइन परीक्षा में शामिल होने वाले हैं तो उसके बारे में जरूर पढ़ें।
FAQs : अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. परीक्षा में कौन सा पेन सबसे अच्छा होता है?
उत्तर: परीक्षा के लिए नीले या काले रंग का ‘बॉल पॉइंट पेन’ सबसे अच्छा होता है, जेल पेन के उपयोग से बचाना चाहिए।
2. क्या खराब हैंडराइटिंग से नंबर कटता हैं?
उत्तर: अगर आपकी हैंडराइटिंग ऐसी है जिसे एग्जामिनर आसानी से पढ़ सके, तो नंबर नहीं कटते। कोशिश करें कि शब्दों के बीच उचित गैप रखें और ज्यादा काटा-पीटी न करें।
3. अगर कोई प्रश्न बिल्कुल न आता हो तो क्या करें?
उत्तर : उस प्रश्न को अंत के लिए छोड़ दें। बाद में उस विषय से संबंधित जो भी जानकारी आपको पता हो, उसे पॉइंट बनाकर लिखने की कोशिश करें। खाली छोड़ने से बेहतर है कुछ लिखना।

हेलो दोस्तों, मैं पंकज कुमार हूँ! मुझे साइंस के फैक्ट्स, दुनिया के अनसुलझे रहस्य और महान लोगों की कहानियां एक्सप्लोर करना बहुत पसंद है। पिछले 5 सालों से मैं यही कर रहा हूँ और अब Study Research Centre के जरिए यह जानकारी आप तक ला रहा हूँ। मेरी कोशिश रहती है कि आप तक 100% सही बात पहुँचे। अगर कहीं कोई कमी रह जाए, तो अपना दोस्त समझकर जरूर बताइयेगा, हम मिलकर सीखेंगे और सुधार करेंगे!
